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सात मांगों को लेकर वकीलों की हड़ताल, कचहरी में कामकाज ठप

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर में सात मांगों को लेकर बुधवार को अधिवक्ताओं ने हड़ताल की। वकीलों ने कचहरी परिसर में धरना देकर नारेबाजी की और इसके बाद रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचकर कामकाज बंद करा दिया। हड़ताल के चलते कचहरी में न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। फोटो कॉपी और स्टांप की दुकानें भी बंद रहीं। मुकदमों की सुनवाई के लिए दूर-दराज से आए लोगों को अगली तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा।बार एसोसिएशन और लायर्स एसोसिएशन की ओर से 10 और 11 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में अधिवक्ताओं की सात मांगों पर चर्चा हुई थी। इसमें अधिवक्ता सुरक्षा कानून बनाने और वरिष्ठ वकीलों को पेंशन देने सहित अन्य मांगें शामिल थीं। सम्मेलन में मांगें पूरी होने तक प्रत्येक बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया था।इसी क्रम में 28 अक्टूबर को सुबह करीब 10:20 बजे वकीलों ने कचहरी गेट पर धरना शुरू किया और नारेबाजी करते हुए रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे। बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय कुमार मिश्रा और लायर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ।वहीं, लोक अदालत के बहिष्कार और न्यायिक कार्य बंद रखने को लेकर जिला जज ने दोनों संगठनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसके बावजूद बुधवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रही।