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स्कूली वाहनों की जांच में पिछड़ा एआरटीओ कार्यालय

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नशे में ड्राइविंग पर 50 चालान, ओवरस्पीड में 300 वाहन पकड़े

संजीव भारती/ललित कुमार
 पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुए निर्णय के क्रम में ए आर टी ओ कार्यालय ने स्कूली वाहनों की परमिट और फिटनेस की जांच के लिए अभियान शुरू किया है। अभियान 15जुलाई तक चलेगा। निर्धारित कलर कोड के अनुसार जिला मुख्यालय से मुख्य मार्गों पर ई रिक्शों का संचालन नहीं हो पाया है।नगर पालिका नयी कार्ययोजना को लागू करने में पूरी तरह फेल है। मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति में लिए गए निर्णय के अनुसार ई-रिक्शा पंजीयन कम करने की कार्ययोजना पर ए आर टी ओ कार्यालय अभी तक काम नहीं शुरू कर पाया है।जिले में सभी मार्गों पर ई-रिक्शा सैकड़ों की संख्या में चल रहे हैं।ई रिक्शों के चालकों की लापरवाही के चलते अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इनके पंजीयन को कम करने के साथ शत प्रतिशत सत्यापन का निर्णय लिया गया है, जिले में ए आर टी ओ कार्यालय की ओर से अभी तक इस बिंदु पर कोई काम शुरू नहीं किया गया है। अयोध्या मंडल के पांच जिलों में पंजीकृत ई रिक्शों की संख्या 46हजार के आसपास है। इसमें से अमेठी जिले की संख्या आठ हजार के आसपास है।ई रिक्शा अक्सर रोडवेज की बसों के आगे चलते हैं और लोकल सवारियां उठा लेते हैं।उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में स्कूली बसों की संख्या 811है।ए आर टी ओ कार्यालय इनमें से 31मई तक 690बसों की जांच कर पाया है।56बसों का चालान किया गया है,10बसें सीज की गई हैं। सूत्रों का कहना है कि ग्रामीण अंचल में संचालित प्राइवेट स्कूलों की ओर से संचालित सैकड़ों वाहनों के बारे में विभाग के पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। शासन की ओर से नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों और ओवरस्पीडिंग वाले चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पिछले छः महीने के भीतर ए आर टी ओ कार्यालय और ट्रैफिक आफिस ने नशे की हालत में 50चालान किए हैं।ओवर स्पीडिंग में चालानों की संख्या 300के आसपास हैई-रिक्शों के संचालन के लिए कलर कोड निर्धारित किए जा चुके हैं, आगे का काम नगर पालिका को करना है।इस समय स्कूली वाहनों की परमिट और फिटनेस की जांच का अभियान चल रहा है। सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।महेंद्र बाबू ,ए आर टी ओ, अमेठीबैठकों की रिपोर्ट और फील्ड से जो जानकारियां मिली हैं, अधिकांश बड़ी दुर्घटनाओं का कारण ओवर स्पीडिंग और नशे की हालत में वाहन चलाना है। दुर्घटना से देर भली -इस संदेश के आधार पर यात्रा के लिए जागरुकता अभियान निरंतर चल रहा है। पहले के मुकाबले दुर्घटनाएं कम हुई हैं।-इंजीनियर रमेश चंद्र ,अधिशासी अभियंता जून में हर सप्ताह अभियान चला है।चार दिन से हमारी ड्यूटी शिक्षक पात्रता परीक्षा में लगी हुई है। शनिवार और रविवार की रात में अभियान चलाया जाएगा और नशे की हालत में वाहन चलाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।-शोभ नाथ,यातायात प्रभारी