
pardarshi vikas news kushinagar
प्रदेश सरकार के निर्देश पर चल रहे 15 दिवसीय स्कूल बस फिटनेस अभियान के तहत हाटा में परिवहन विभाग की कार्रवाई ने चौंकाने वाली सच्चाई उजागर कर दी। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान कई स्कूल वाहनों में गंभीर लापरवाही सामने आई है औचक निरीक्षण में पाया गया कि कई स्कूल बसें बुनियादी सुरक्षा मानकों को भी पूरा नहीं कर रहीं। कई बसों में न तो फर्स्ट एड बॉक्स मौजूद था, न ही स्पीड गवर्नर की व्यवस्था। खिड़कियों पर सुरक्षा ग्रिल का अभाव और खुले दरवाजों के साथ बसों का संचालन सीधे तौर पर बच्चों की जान से खिलवाड़ करता दिखा। इतना ही नहीं, कई बसों में अग्निशामक यंत्र या तो नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी, जबकि सीटों की हालत भी बेहद जर्जर मिली जांच के दौरान संत पुष्पा इंटरमीडिएट कॉलेज की बस में ओवरलोडिंग का गंभीर मामला सामने आया। 53 सीटों वाली बस में करीब 70 बच्चों को बैठाया गया था, यहां तक कि ड्राइवर सीट के पास भी बच्चों को बैठाकर यात्रा कराई जा रही थी। बस में सीट बेल्ट जैसी अनिवार्य सुविधाएं भी नदारद थीं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में खतरा कई गुना बढ़ सकता है।इसी क्रम में एक ऑटो रिक्शा भी पकड़ा गया, जिसमें लगभग 15 बच्चों को ठूंसकर ले जाया जा रहा था। जांच टीम को देखते ही चालक मौके से फरार हो गया। जांच में सामने आया कि ऑटो का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट समाप्त था और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस व फिटनेस प्रमाण पत्र भी नहीं था। परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ऑटो को सीज कर दिया।यात्री कर अधिकारी बलवंत सिंह ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल को नोटिस जारी कर दिया गया है और संबंधित वाहनों का चालान भी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस कार्रवाई के बाद अभिभावकों में भी आक्रोश और चिंता देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती है।हाटा में सामने आई ये स्थिति साफ संकेत देती है कि कागजों पर सख्ती के बावजूद जमीनी स्तर पर नियमों का पालन अभी भी कमजोर है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन को अब निरंतर और सख्त निगरानी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि बच्चों की सुरक्षित यात्रा वास्तव में सुनिश्चित हो सके।