
PARDARSHI VIKASH NEWS उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोंडा पहुंचे, जहां उन्होंने कमिश्नर कार्यालय स्थित महाराजा सुहेलदेव सभागार में देवीपाटन और बस्ती मंडल के लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी को मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल करीब 10 मिनट की देरी से पहुंचे, जबकि उनके साथ आए लोगों को प्रवेश नहीं दिया गया। बैठक में दोनों मंडलों के जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि हाल में सामने आए टेंडर संबंधी कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर मुख्यमंत्री अधिकारियों से जवाब-तलब कर सकते हैं। साथ ही नई सड़कों के निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और गोंडा-अयोध्या मार्ग के विस्तार जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा की संभावना जताई गई।इसी दौरान नगर कोतवाली में अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और 70 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं को पेंशन देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर वकीलों ने प्रदर्शन किया। अधिवक्ता कमिश्नरी पहुंचे और मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगाने के साथ अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। उन्होंने जिलाधिकारी के खिलाफ भी नारेबाजी की और बैठक स्थल से करीब 100 मीटर दूर धरने पर बैठ गए। स्थिति को नियंत्रित करने और अधिवक्ताओं को समझाने के लिए डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस लाइन हेलीपैड से लेकर कमिश्नर कार्यालय तक सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।