
पारदर्शी विकास न्यूज़ औरैया 23 जून। जिला कृषि रक्षा अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने अवगत कराया है कि शासकीय आदेशों के अनुसार, बाजार में कतिपय ऐसी अगरबत्तियों का निर्माण एवं विक्रय किया जा रहा है जिसमें घातक एवं अपंजीकृत कीटनाशकों का अवैध रूप से उपयोग हो रहा है। जॉच में इन अगरवत्तियों में डाइमेफलूथ्रिन (DIMEFLUTHRIN) एवं मेपरफलूथ्रिन (MEPERFLUTHRIN) जैसे विषैले रसायनों का मिश्रण पाया गया है। इन रसायनों से युक्त अगरबत्तियों को बाजार में मुख्य रूप से स्लीपवेल (SLEEP WELL) एवं कम्फर्ट (COMFORT) ब्राण्ड एवं अन्य कई तरह-तरह के नाम से अवैध रूप से बेंचा जा रहा है। उपरोक्त मच्छर रोधी अगरबत्तियाँ जो कि मानव स्वास्थ्य और स्वसन तंत्र के लिये अत्यन्त हानिकारक हो सकती हैं। इस प्रकार की अगरबत्तियों का विक्रय करना कीटनाशी अधिनियम-1968 एव नियमावली-1971 की धारा 9(3) का स्पष्ट उल्लघंन है। जनता से अपील- जनपद के समस्त नागिरकों से अनुरोध है कि वे अपनी स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु (SLEEP WELL) एवं कम्फर्ट (COMFORT) ब्राण्ड अथवा किसी भी अन्य अपंजीकृत कीटनाशकयुक्त अगरबत्तियों का प्रयोग कदापि न करें।