
हाईकोर्ट ने कहा- 8 हफ्ते के अंदर दाखिल करना होगा ब्योरा
पारदर्शी न्यूज लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राहुल गांधी की कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में केंद्र सरकार की कई एजेंसियों से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय सहित अन्य संबंधित पक्षों को आठ सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने एस. विग्नेश शिशिर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय को भी मामले में पक्षकार बनाने का अनुरोध किया था, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।सुनवाई के दौरान, सीबीआई के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और जांच संबंधी जवाब अगली तारीख तक जमा कर दिया जाएगा। इसी तरह, ईडी ने भी कहा कि शिकायत मिलने के बाद आरोपों का परीक्षण किया जा रहा है और इसकी प्रगति रिपोर्ट अगली सुनवाई में दाखिल की जाएगी। न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि शिकायत प्राप्त हो चुकी है, तो संबंधित एजेंसियां कानून के अनुसार आरोपों का सत्यापन करें और आवश्यक कार्रवाई करें। एसएफआईओ ने भी जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए सभी पक्षों को निर्धारित समय-सीमा में प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, हाईकोर्ट ने याचिका की पूरी पत्रावली और अन्य दस्तावेजों को सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया है।यह याचिका कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की ओर से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी और उनके परिवार की संपत्तियां घोषित आय से अधिक हैं। याचिका में मामले की केंद्रीय जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। आज होने वाली सुनवाई में अदालत सबसे पहले याचिका की ग्राह्यता पर विचार करेगी। यानी कि यह तय किया जाएगा कि मामले में दाखिल याचिका सुनवाई के योग्य है या नहीं। इसके बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।