
पारदर्शी विकाश न्यूज़ लखनऊ। सोमवार को लालबत्ती चौराहे पर रोडवेज के चार संविदा कर्मचारियों ने आत्मदाह का प्रयास किया। चारों कर्मचारी पेट्रोल की बोतल लेकर मौके पर पहुंचे और खुद पर पेट्रोल उड़ेलने लगे। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया और बड़ी घटना होने से रोक दी।पुलिस पूछताछ में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही है और उन्हें निजी कंपनी में विलय किए जाने का विरोध कर रहे हैं। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर गौतमपल्ली थाने भेज दिया है।गौतमपल्ली थाना प्रभारी विपिन सिंह के अनुसार आत्मदाह का प्रयास करने वालों में औरैया के मुकेश सैनी, उन्नाव के ज्ञानेंद्र रावत, कानपुर के नितिन श्रीवास्तव और गोंडा के अभिषेक सिंह शामिल हैं। ये सभी सिटी बस सेवा में संविदा चालक-परिचालक के रूप में कार्यरत हैं।कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से दुबग्गा डिपो पर विरोध प्रदर्शन चल रहा था, लेकिन उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सिटी बस सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को एसएस इंटरप्राइजेज नामक निजी कंपनी में समायोजित किया जा रहा है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं।जानकारी के अनुसार, लगभग 500 संविदा कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं, जिससे शहर की 22 प्रमुख रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कर्मचारियों ने मार्च 2026 से वेतन न मिलने और आर्थिक कठिनाइयों का भी आरोप लगाया है।प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि निजी कंपनी में विलय की प्रक्रिया रोकी जाए, लंबित वेतन का भुगतान किया जाए और कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।