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पोस्टमार्टम हाउस में अवैध वसूली का आरोप

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पोस्टमार्टम किट और शव वाहन के नाम पर हजारों रुपये लेने का आरोप, डीएम ने जांच का दिया आश्वासन

पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर। जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में मृतकों के परिजनों से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हलचल मच गई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता संजय सिंह 'मुन्ना' ने जिलाधिकारी महेंद्र तंवर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन के अनुसार, 27 जून 2026 को हाटा कोतवाली क्षेत्र के पट्टन के पास हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने के नाम पर मृतकों के परिजनों से प्रति शव 1500 रुपये की दर से कुल 4500 रुपये कथित रूप से पोस्टमार्टम किट के लिए वसूले गए। इतना ही नहीं, शवों को ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध कराने के नाम पर 6500 रुपये लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।संजय सिंह ने सवाल उठाया है कि यदि पोस्टमार्टम किट के लिए कोई सरकारी शुल्क निर्धारित है, तो उसका आदेश सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने यह भी पूछा कि जिला अस्पताल में सरकारी शव वाहन उपलब्ध होने के बावजूद दुर्घटना में मृत लोगों के शव निजी एम्बुलेंस से क्यों भेजे गए और पोस्टमार्टम परिसर में निजी एम्बुलेंस संचालित करने की अनुमति किस आधार पर दी गई है।ज्ञापन में 1 जून से 28 जून 2026 तक पोस्टमार्टम हाउस से सरकारी शव वाहनों के माध्यम से भेजे गए अज्ञात एवं अन्य शवों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है। साथ ही भविष्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पोस्टमार्टम परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग भी उठाई गई है।शिकायत में कहा गया है कि शोकाकुल परिवारों से इस प्रकार की कथित वसूली न केवल अमानवीय है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि सरकारी शव वाहन उपलब्ध हैं तो उनका उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा, इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।जिलाधिकारी महेंद्र तंवर ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और उसकी रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं।