
पारदर्शी विकास न्यूज़ बांदा। उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल का प्रादेशिक प्रशिक्षण शिविर एवं शपथ ग्रहण समारोह 31 मई को बरेली में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की युवा इकाई “उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल” का प्रादेशिक प्रशिक्षण शिविर एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन भव्य रूप से होगा। कार्यक्रम को लेकर सम्पूर्ण प्रदेश के युवा व्यापारी पदाधिकारियों में विशेष उत्साह एवं ऊर्जा का वातावरण बना हुआ है।ज्ञातव्य हो कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की स्थापना पूर्व सांसद एवं व्यापारी समाज के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय श्री श्याम बिहारी मिश्रा द्वारा व्यापारी हितों की रक्षा एवं संगठित व्यापारिक शक्ति के निर्माण हेतु की गई थी। वर्तमान में संगठन प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय मुकुंद मिश्रा (कानपुर) के नेतृत्व में प्रदेश के सभी जनपदों में सक्रिय रूप से व्यापारी समाज की समस्याओं के समाधान, व्यापारी स्वाभिमान की रक्षा एवं संगठन विस्तार के कार्यों में संलग्न है।संगठन लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए प्रत्येक तीन वर्ष में त्रैवार्षिक चुनाव पद्धति के माध्यम से नई कार्यकारिणी का गठन करता है। इसकेउपरांत युवा इकाई, आईटी एवं उद्योग मंच जैसे फ्रंटल संगठनों का गठन कर संगठन को नई ऊर्जा एवं नई सोच से जोड़ने का कार्य किया जाता है।प्रदेश महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में बरेली जनपद की संपूर्ण टीम कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में युद्धस्तर पर जुटी हुई है। कार्यक्रम में प्रदेश चेयरमैन महेंद्र जैन मयूर, प्रदेश महामंत्री डा. दिलीप सेठ सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे एवं युवा कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। साथ ही भारत सरकार व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन आदरणीय सुनील सिंघी जी एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति भी प्रस्तावित है।युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन का उद्देश्य केवल पद वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सशक्त, जागरूक एवं संघर्षशील युवा व्यापारी नेतृत्व तैयार करना है, जो भविष्य में व्यापारी समाज की आवाज बन सके। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण शिविर को विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी सत्रों में विभाजित किया गया है।संगठन पदाधिकारियों के मुताबिक प्रशिक्षण शिविर में निम्न विषयों पर सत्रों में सार्थक चर्चा होगी। सशक्त संगठन एवं प्रभावी नेतृत्व निर्माण।युवा शक्ति का पुरुषार्थ एवं राष्ट्र निर्माण में भूमिका।स्वदेशी व्यापार एवं आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा।व्यापार में चरणबद्ध एवं उत्तरोत्तर वृद्धि के व्यावहारिक सूत्र।ऑनलाइन ऐप एवं साइबर क्राइम से व्यापारियों की सुरक्षा।भारत का औद्योगिक एवं व्यावसायिक भविष्य।