
PARDARSHI VIKASH NEWS NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बुधवार को संसदीय समिति के सामने पेश होकर परीक्षा प्रणाली को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। इस बैठक में NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) के अध्यक्ष अभिजात शेठ मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा को पेन-पेपर मोड में पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ आयोजित किया जाएगा।संसदीय समिति के सदस्यों ने इस दौरान भारत की परीक्षा प्रणाली की तुलना अमेरिका और चीन जैसे देशों से करते हुए सुझाव दिया कि बेहतर और सुरक्षित परीक्षा मॉडल अपनाने की जरूरत है। साथ ही छात्रों के तनाव, परीक्षा में गड़बड़ी और हाल के विवादों को देखते हुए सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।इसी बीच चीन की प्रवक्ता यू जिंग द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में चीन की गाओकाओ परीक्षा का उल्लेख करते हुए इसे दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा बताया गया और भारत की JEE-NEET प्रणाली से तुलना की गई, जिससे सोशल मीडिया पर बहस भी शुरू हो गई।विवाद के बाद यह तीसरी संसदीय समिति थी जिसने NTA और NMC के अधिकारियों को तलब किया। इससे पहले भी वे शिक्षा और सरकारी आश्वासन से जुड़ी समितियों के सामने अपनी रिपोर्ट दे चुके हैं। समिति ने सुझाव दिया कि NEET परीक्षा को साल में दो या तीन बार आयोजित करने पर विचार किया जाए ताकि छात्रों को अधिक अवसर मिल सकें।हालांकि विशेषज्ञों के बीच इस प्रस्ताव पर मतभेद भी हैं, क्योंकि मेडिकल सीटों की एकल काउंसलिंग प्रक्रिया के कारण इसे लागू करना जटिल माना जाता है। फिलहाल CBI जांच जारी है और अब तक इस मामले में 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सरकार और एजेंसियां आगामी परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।