
पारदर्शी विकास न्यूज़ नई दिल्ली। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति (NCEL) की पांचवीं वार्षिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में सहकारिता के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देने तथा विशेष रूप से मत्स्य उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। इस दौरान उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के मत्स्य उत्पादों के लिए बहु-राज्यीय मत्स्य निर्यात सहकारी समिति के गठन और Multi-State Cooperative Societies Act के तहत पंजीकरण की संभावनाओं पर विचार किया गया।बैठक में मीठे पानी की मछलियों के निर्यात को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। सहकारिता के माध्यम से उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, कोल्ड-चेन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक पूरी श्रृंखला विकसित करने की आवश्यकता बताई गई। इससे छोटे मत्स्य उत्पादकों को बेहतर बाजार और मूल्य मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार व उद्यमिता के अवसर बढ़ने की संभावना जताई गई। बैठक में कैलाश नाथ निषाद ने कहा कि मछुआरा केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि मत्स्य अर्थव्यवस्था का सहभागी और भागीदार बने।