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न्यूज़क्लिक केस में बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने FIR और ED जांच रद्द की

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PARDARSHI VIKASH NEWS दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूज़क्लिक और इसके संस्थापक-संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ विदेशी फंडिंग से जुड़े मामले में दर्ज आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की FIR और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग जांच को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह कार्रवाई स्वतंत्र पत्रकारिता पर मनमाने ढंग से शक्तियों का दुरुपयोग थी और जांच एजेंसियों ने ठोस साक्ष्य के बिना व्यापक जांच आगे बढ़ाई।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों को सही मान लेने के बाद भी यह मामला धोखाधड़ी या आपराधिक विश्वासघात की श्रेणी में नहीं आता, क्योंकि इसमें किसी पीड़ित पक्ष या शिकायतकर्ता का स्पष्ट अस्तित्व नहीं दिखता। कोर्ट ने इसे कानून का गंभीर दुरुपयोग बताया और कहा कि इस तरह की प्रक्रिया जारी रखना न्यायसंगत नहीं है।यह मामला 2020 में दर्ज FIR से शुरू हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि न्यूज़क्लिक को विदेशी कंपनी से नियमों के विपरीत फंडिंग मिली और शेयरों की कीमतों में अनियमितता की गई। बाद में ED ने PMLA के तहत जांच शुरू की, छापेमारी की और दस्तावेज व डिजिटल डेटा जब्त किया। जांच एजेंसियों का दावा था कि कंपनी को करोड़ों रुपये की विदेशी फंडिंग मिली है, जिसमें FDI और सर्विस एक्सपोर्ट दोनों शामिल थे।2023 में मामले ने राजनीतिक मोड़ लिया और संसद में भी इसे विदेशी प्रोपेगैंडा से जोड़कर चर्चा हुई। इसके बाद UAPA समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुआ और 2024 में प्रबीर पुरकायस्थ की गिरफ्तारी भी हुई थी।इस फैसले के बाद यह मामला कानूनी रूप से बड़ा मोड़ ले चुका है और अदालत ने जांच प्रक्रिया की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।