
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। नेशनल इंडिपेंडेंट टीचर्स एसोसिएशन (NITA) के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के निजी CBSE एवं ICSE विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी राज्य सरकार की कैशलेस उपचार योजना का लाभ दिए जाने की मांग की। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में लगभग 4,000 CBSE और 2,000 ICSE विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब ढाई से तीन लाख शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें सरकारी शिक्षकों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में उन्हें भी कैशलेस चिकित्सा योजना से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि वे और उनके परिवार बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्राप्त कर सकें।ज्ञापन प्राप्त करने के बाद विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक ने कहा कि निजी विद्यालयों के शिक्षक भी शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मांग को प्रदेश सरकार के समक्ष गंभीरता से उठाया जाएगा तथा मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर निजी शिक्षकों को कैशलेस उपचार योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।एनआईटीए ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर निजी शिक्षकों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्रदान करेगी। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी विवेक अवस्थी, सतेंद्र कटियार, प्रशांत त्रिपाठी, शिरीष चंद्र, प्रशांत शुक्ला, इमरान खान, आनंद विश्वकर्मा, विवेक मिश्रा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।