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निजी कंपनी में विलय के फैसले से नाराज कर्मचारी

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पारदर्शी विकाश न्यूज़ लखनऊ। लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट के दुबग्गा डिपो के संविदा परिचालकों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। परिचालकों का आरोप है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें रोडवेज व्यवस्था से हटाकर एक निजी कंपनी में समायोजित किया जा रहा है, जिससे उनकी नौकरी और भविष्य दोनों पर संकट खड़ा हो गया है। इसी मांग को लेकर कर्मचारी कई दिनों से कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।प्रदर्शनकारी परिचालकों का कहना है कि वर्ष 2021 से वे संविदा पर कार्य कर रहे हैं और महाकुंभ, श्रीराम मंदिर दर्शन व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण अवसरों पर उन्होंने लगातार सेवाएं दीं। उनका आरोप है कि बिना किसी पूर्व चर्चा के उन्हें निजी कंपनी एसएस इंटरप्राइजेज के अधीन किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे उनकी नौकरी की सुरक्षा समाप्त हो जाएगी और भविष्य में स्थायी नियुक्ति या पदोन्नति की संभावनाएं भी खत्म हो जाएंगी।परिचालकों ने यह भी दावा किया कि पिछले तीन माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है। कई कर्मचारियों ने निजी कंपनी में विलय की खबर के बाद सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं का सामना करने की बात कही है। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि निजी क्षेत्र में नौकरी की अनिश्चितता के कारण उनके वैवाहिक रिश्ते तक प्रभावित हुए हैं।करीब 200 परिचालक इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे शहर की 120 बसों में सेवाएं देते रहे हैं और रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि उन्हें निजी कंपनी के अधीन करने के बजाय रोडवेज व्यवस्था में ही समायोजित किया जाए।फिलहाल सभी संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर इको गार्डन में धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।