
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ।बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत बयान जारी कर समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर चौतरफा हमला बोला है। मायावती ने सपा प्रमुख द्वारा राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के नेता और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर की गई टिप्पणी को पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय और अहंकार से भरा बताया है। सपा मुखिया के इस बयान पर कि 'हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है', कड़ी आपत्ति जताते हुए मायावती ने कहा कि यह स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज का अपमान है, जिसके लिए सपा को तुरंत माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने सपा को एक अवसरवादी पार्टी करार देते हुए कहा कि गठबंधन के मामले में यह केवल अपना काम निकालना जानती है और काम निकलते ही 'गिरगिट' की तरह रंग बदल लेती है। अपने बयान में उन्होंने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि साल 1993 में मुलायम सिंह यादव के साथ हुआ गठबंधन भी सपा के इसी अहंकारी स्वभाव के कारण टूटा था, जिसके बाद उनके खिलाफ कुख्यात 'लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड' जैसी जानलेवा साजिश रची गई थी। इसके बाद अखिलेश यादव ने भी पुरानी गलतियां न दोहराने का भरोसा देकर गठबंधन किया, लेकिन लोकसभा चुनाव में मनमुताबिक नतीजे न मिलने पर अपने स्वार्थी रवैये के कारण इसे फिर तोड़ दिया मायावती ने सपा के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को महज एक राजनीतिक ढोंग बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए कभी 'P' का मतलब पिछड़ा वर्ग बताते हैं, तो कभी खुद को ब्राह्मणों (पंडितों) का हितकारी घोषित कर देते हैं, जबकि असलियत में सपा अपनी जाति के अलावा किसी अन्य पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक या सर्वसमाज की हितैषी नहीं रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकारों में दलितों, पिछड़ों और विशेषकर ब्राह्मण समाज का भारी शोषण और उत्पीड़न किया गया। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार में केवल गुंडों, बदमाशों और माफियाओं का बोलबाला था और हालात इतने खराब थे कि दिन ढलने के बाद बहन-बेटियां घर से सुरक्षित बाहर नहीं निकल सकती थीं। अंत में, मायावती ने उत्तर प्रदेश की जनता से सपा की संकीर्ण व जातिवादी राजनीति से सावधान रहने की अपील की है और कहा है कि सर्वसमाज के हित में आगामी विधानसभा आमचुनाव में इस पार्टी को सत्ता में कतई न आने दिया जाए।