
PARDARSHI VIKASH NEWS प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मृतक किसानों के खातों में जारी होने वाली किस्तों को लेकर प्रशासन और बैंकिंग तंत्र ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। अब ऐसे खातों की विशेष निगरानी की जा रही है और किसान की मृत्यु की सूचना संबंधित विभाग को देना अनिवार्य माना जा रहा है।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य पात्र और जीवित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। लेकिन कई मामलों में किसान की मृत्यु के बाद भी परिजनों द्वारा विभाग को जानकारी नहीं दी जाती, जिसके कारण सम्मान निधि की किस्तें खाते में आती रहती हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए अब विभागीय स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी मृतक किसान के खाते में सम्मान निधि की राशि जमा हो रही है, तो परिजनों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ कृषि विभाग को इसकी सूचना देनी होगी। इसके बाद संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। कई मामलों में खातों से धनराशि निकासी पर भी रोक लगाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।जानकारी के मुताबिक, पहले भी ऐसे मामलों में विभाग द्वारा मृत्यु के बाद प्राप्त राशि की वसूली की जाती रही है। परिजनों को जमा की गई रकम की रसीद विभाग में प्रस्तुत करनी पड़ती थी। अब भविष्य में भी ऐसे मामलों की समीक्षा कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।कृषि विभाग ने किसानों और उनके परिजनों से अपील की है कि किसान की मृत्यु होने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि रिकॉर्ड समय पर अपडेट हो सके और किसी प्रकार की कानूनी या वित्तीय परेशानी का सामना न करना पड़े।