
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। 3 जुलाई को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। कर निर्धारण, गलत बिलिंग, सीवर व्यवस्था और रिकॉर्ड में गड़बड़ियों से जुड़ी शिकायतों पर लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी।कई मामलों में अधिकारियों ने सर्वे कराने और दस्तावेजों की जांच के बाद समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन कई शिकायतकर्ताओं ने इस पर नाराजगी जताई। नीलमथा से पहुंचे अमरनाथ रावत ने कहा कि यह “समाधान दिवस नहीं बल्कि आश्वासन दिवस” बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दुकान का टैक्स 700 रुपये से बढ़कर 4242 रुपये कर दिया गया है, जिसे लेकर बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।विक्रमादित्य वार्ड से आए सुमित रावत ने बताया कि उनका पानी का बिल भुगतान के बावजूद 19 हजार रुपये फिर से आ गया, जिसे सुधारने की मांग की गई है।अलीगंज निवासी जसवंत सिंह पटेल ने जलकर और सीवर शुल्क में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उनके इलाके में सीवर लाइन नहीं है, फिर भी शुल्क वसूला जा रहा है। मामले पर मेयर ने रिपोर्ट तलब कर जांच के निर्देश दिए हैं।वहीं, पटरी दुकानदारों ने रसीद न कटने और हाउस टैक्स में भारी बढ़ोतरी को लेकर नाराजगी जताई। कई लोगों ने नालियों के अवरुद्ध होने और जलभराव की समस्या भी उठाई।अधिकारियों ने शिकायतों के निस्तारण का आश्वासन दिया है, लेकिन लोगों में संतोष की कमी साफ नजर आई।