
पारदर्शी विकास ब्यूरो लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में चेन झपटमारी के मामले में पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया। तीनों महिलाओं को बुधवार को सिंगारनगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थानीय लोगों ने चेन झपटते समय पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। पूछताछ में आरोपियों की पहचान कुशीनगर निवासी संगीता (39), उषा (23) और तारा (20) के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार महिलाओं के कब्जे से कुल 16.8 ग्राम वजन की दो सोने की चेन बरामद हुई हैं। इनमें एक चेन 26 अगस्त को तकरोही-इंदिरानगर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अरविंद यादव की पत्नी लक्ष्मी यादव से झपटी गई थी, जबकि दूसरी चेन पहले की घटना में चोरी की गई थी। ऑटो में सवार होकर महिला की चेन झपटी लक्ष्मी यादव के अनुसार, वह सिंगारनगर मेट्रो स्टेशन से पुराने पारा जाने के लिए ऑटो में सवार हुई थीं। इसी दौरान तीन अन्य महिलाएं भी ऑटो में बैठ गईं। बातचीत के दौरान उनका ध्यान भटकाकर आरोपियों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली। चेन छीने जाने के बाद लक्ष्मी ने शोर मचाया। ऑटो चालक रिंकू, स्थानीय लोगों और उनके रिश्तेदारों ने घेराबंदी कर तीनों महिलाओं को पकड़ लिया और पुराने पारा थाने के पास स्थित पुलिस पिंक बूथ तक पहुंचाया। तलाशी के दौरान लक्ष्मी की टूटी हुई चेन के साथ एक अन्य सोने की चेन भी बरामद हुई। ऑटो और ई-रिक्शा में बनाती थीं महिलाओं को निशाना पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे एक गिरोह के रूप में काम करती थीं। ऑटो और ई-रिक्शा में सफर करने वाली महिलाओं को निशाना बनाकर बैग, दुपट्टे और बातचीत के जरिए उनका ध्यान भटकाती थीं। मौका मिलते ही गले से आभूषण झपटकर फरार हो जाती थीं।पुलिस के अनुसार, तीनों ने शुरुआत में अपनी पहचान बाराबंकी की निवासी के रूप में बताई और फर्जी नाम-पते बताए। सत्यापन और पूछताछ के बाद उनकी वास्तविक पहचान कुशीनगर निवासी के रूप में सामने आई। रिश्ते में सबसे बड़ी महिला जेठानी, दूसरी उसकी देवरानी और तीसरी जेठानी की बेटी बताई गई है।28 जुलाई की घटना में भी सामने आया नाम पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि तीनों महिलाओं ने 28 जुलाई को बुद्धेश्वर चौराहे के पास ई-रिक्शा में बैठी एक बुजुर्ग महिला की चेन भी झपटी थी। इस मामले में पारा थाने में पहले से मुकदमा दर्ज है। बुजुर्ग महिला ने गिरफ्तार आरोपियों को देखकर उनकी पहचान की पुष्टि की है।पारा थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि आरोपी महिलाएं कुछ समय के लिए लखनऊ आती थीं और घटना को अंजाम देने के बाद वहां से चली जाती थीं। उनका लखनऊ में कोई निश्चित ठिकाना नहीं था। पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास और लखनऊ में हुई अन्य चेन झपटमारी की घटनाओं से इनके संबंध की जांच कर रही है।