
पारदर्शी विकास न्यूज़ बांदा। भीषण गर्मी के बीच विकास खंड महुआ की ग्राम पंचायत बरईमानपुर एवं उसके मजरा अकबरपुर देवी जी में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के दो हैंडपंप विगत कई दिनों से खराब पड़े हैं, जिससे सैकड़ों परिवारों को पीने के पानी और दैनिक उपयोग के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बुधवार को पंचायत सचिव राजेश कुमार को खराब हैंडपंपों की जानकारी देकर मरम्मत कराने की मांग की गई थी। सचिव द्वारा जल्द मरम्मत कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन गुरुवार तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि हैंडपंपों को सैकड़ों बार चलाने के बाद भी पानी नहीं निकलता, जिससे लोग थक-हारकर प्यासे ही लौटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान योगेन्द्र गिरि एवं पंचायत प्रशासन पर समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी में पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत बरईमानपुर में 50 से भी कम हैंडपंप हैं, जबकि उनकी सालाना मरम्मत के नाम पर करीब 4 लाख रुपये पंचायत निधि से खर्च दिखाया जाता है। इसके बावजूद कई हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता और खर्च की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत कराने तथा मरम्मत मद में हुए खर्च की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके।