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कसया के निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती

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 फायर सेफ्टी और बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की हुई जांच

दो अस्पतालों को नोटिस, बिना पंजीकरण और बेसमेंट में संचालन पर मांगा गया जवाब

पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर। जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मुकेश यादव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसया के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मारकंडे चतुर्वेदी के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने कसया क्षेत्र के कई निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की उपलब्धता तथा बायो मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित रखरखाव और नियमानुसार निस्तारण की व्यवस्था का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान हंसराज हॉस्पिटल, कसया सेंट्रल हॉस्पिटल, बीना हॉस्पिटल, आयुष्मान हॉस्पिटल, गोपी चाइल्ड केयर और हमराही हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया।जांच में कसया सेंट्रल हॉस्पिटल का वैध पंजीकरण उपलब्ध नहीं मिला, जबकि हमराही हॉस्पिटल का एक हिस्सा बेसमेंट में संचालित पाया गया, जो निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के विपरीत है। दोनों अस्पतालों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही हमराही हॉस्पिटल प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से बेसमेंट में किसी भी प्रकार की चिकित्सीय गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गएचिकित्सा अधीक्षक डॉ. मारकंडे चतुर्वेदी ने बताया कि प्रत्येक अस्पताल के लिए अग्निशमन विभाग की एनओसी तथा बायो मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक एवं नियमानुसार निस्तारण अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी।स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।