
86 लोगों की एचआईवी और हेपेटाइटिस-सी जांच, 35 की आंखों का परीक्षण; चालक-परिचालकों को स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक
पारदर्शी विकास ब्यूरो / कसया, कुशीनगर। कसया बस अड्डा परिसर में उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी, लखनऊ एवं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में कुल 96 लोगों का पंजीकरण किया गया। शिविर में परिवहन निगम के चालक-परिचालकों और अन्य कर्मचारियों को विभिन्न स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं जागरूकता सेवाओं का लाभ मिला। शिविर का शुभारंभ अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसएन त्रिपाठी एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक जय प्रकाश प्रधान ने फीता काटकर किया। इस दौरान एचआईवी-एड्स सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने और समय रहते जांच कराने पर विशेष जोर दिया गया।शिविर में कुल 86 लोगों की एचआईवी जांच और इतने ही लोगों की हेपेटाइटिस-सी जांच की गई। इसके अलावा 35 लोगों की आंखों का परीक्षण, 26 लोगों की टीबी जांच तथा 14 लोगों की एसटीआई जांच की गई। साथ ही सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं एवं परामर्श उपलब्ध कराया गया।अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसएन त्रिपाठी ने चालक-परिचालकों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है। स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवनशैली से कई बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने एचआईवी-एड्स से बचाव, समय पर जांच कराने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की।स्वास्थ्य जागरूकता के लिए शिविर परिसर में बैनर-पोस्टर लगाए गए तथा पंपलेट वितरण और माइकिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। शिविर के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन, परामर्शदाता एवं अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई थी। जांच के लिए आवश्यक किट, दवाएं और अन्य संसाधनों की व्यवस्था भी की गई।इस अवसर पर चिकित्साधिकारी डॉ. नाजरीन फातिमा, नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. आनंद पाल सिंह, फार्मासिस्ट मो. इमरान अंसारी, परामर्शदाता पूनम भारती, लैब टेक्नीशियन बलवंत कुशवाहा, एसटीआई परामर्शदाता शिव कुमार पाण्डेय, टीआई के तारकेश्वर सिंह, एलडब्ल्यूएस अमित मिश्रा, सोनू तिवारी, नुरलायन अंसारी, दीपक, विकास, सदानंद चौरसिया सहित अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। शिविर का संचालन टीबी-एचआईवी समन्वयक चंद्रशेखर यादव ने किया।