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कब ठीक होगी कानपुर की सड़कें?

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जर्जर रास्तों पर फूटा गुस्सा, क्या चुनाव में दिखेगा असर?

पारदर्शी विकास ब्यूरो
कानपुर। “कब ठीक होगी कानपुर की सड़कें?” यह सवाल अब शहरवासियों की आवाज बनता जा रहा है। काकादेव में देवकी टाकीज चौराहे से गणेश मंदिर जाने वाली जर्जर सड़क को लेकर रविवार को आम आदमी पार्टी के विधि प्रकोष्ठ ने जोरदार प्रदर्शन किया। टूटी सड़क, बड़े-बड़े गड्ढों और गंदगी से परेशान कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सड़क पर बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर कहा कि करीब छह महीने से सड़क बदहाल है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे रोजाना राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। बरसात के दौरान इनमें पानी भर जाने से गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया वाहन सवार गिरकर चोटिल हो जाते हैं और चार पहिया वाहन भी फंस जाते हैं।प्रदर्शन के दौरान “जनता की एक ही पुकार, कर दो हमारी सड़क का सुधार” जैसे नारे लगाए गए। लोगों ने सवाल उठाया कि जब नियमित रूप से टैक्स लिया जाता है तो शहरवासियों को सुरक्षित और बेहतर सड़कें आखिर कब मिलेंगी? स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ काकादेव ही नहीं, शहर के कई इलाकों में टूटी सड़कें, जलभराव और गंदगी बड़ी समस्या बन चुके हैं।अब बड़ा सवाल यह है कि यदि इन बुनियादी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो क्या इसका असर आने वाले चुनावों पर पड़ेगा? सड़क, सफाई और जलभराव जैसे मुद्दे सीधे आम जनता के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े हैं। ऐसे में नाराजगी बढ़ने पर यह राजनीतिक दलों के लिए भी चुनौती बन सकती है।प्रदर्शन में आप के नगर प्रभारी आशुतोष सेंगर, नगर अध्यक्ष अनुज शुक्ला, विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट प्रखर श्रीवास्तव, सुधीर कुमार शर्मा और देवेश शुक्ला समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे। कानपुर अब जवाब चाहता है—आखिर कब सुधरेंगी शहर की सड़कें और कब मिलेगी जनता को राहत?


छह महीने से जर्जर पड़ी है सड़क
कानपुर के काकादेव में देवकी टाकीज चौराहे से गणेश मंदिर जाने वाली सड़क करीब छह महीने से जर्जर हालत में पड़ी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहिया वाहन सवार अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं, जबकि चार पहिया वाहन भी गड्ढों में फंस जाते हैं। लोगों ने शासन-प्रशासन से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।