
PARDARSHI VIKASH NEWS वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर और विश्वनाथ धाम कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मंदिर परिसर में पहले से स्थापित एआई आधारित निगरानी प्रणाली के साथ अब उन स्थानों पर भी अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे, जिन्हें सुरक्षा दृष्टि से ब्लाइंड स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। सुरक्षा समिति ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।मंदिर प्रशासन के अनुसार वर्तमान में परिसर में 325 सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं, जो श्रद्धालुओं की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखे हुए हैं। बढ़ती श्रद्धालु संख्या और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है, जिससे मंदिर परिसर का हर हिस्सा निगरानी दायरे में आ सके।अधिकारियों के मुताबिक काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सप्ताहांत और विशेष अवसरों पर यह संख्या बढ़कर दो से ढाई लाख तक पहुंच जाती है। भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।दिसंबर 2021 में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद से यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार पिछले चार वर्षों में लगभग 30 करोड़ श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। वहीं बीते एक वर्ष के दौरान 137 देशों से आए विदेशी श्रद्धालुओं ने भी मंदिर में दर्शन किए हैं।भीड़ प्रबंधन के लिए जिग-जैग कतार व्यवस्था, होल्डिंग एरिया, अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, हेड-काउंट कैमरे और लगातार सार्वजनिक घोषणाओं जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाती हैं। प्रशासन का कहना है कि नई सुरक्षा तकनीकों और अतिरिक्त कैमरों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को और बेहतर बनाया जाएगा।