
पारदर्शी विकास ब्यूरो
कुशीनगर। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न वितरण को पूरी तरह पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन के निर्देशों के अनुपालन में यह व्यवस्था जुलाई, अगस्त और सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि जनपद की सभी उचित दर दुकानों पर खाद्यान्न वितरण से पहले नामित नोडल अधिकारी खाद्यान्न की मात्रा और गुणवत्ता का अनिवार्य भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन रिपोर्ट संबंधित उप जिलाधिकारी को तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी तथा वितरण के दौरान पर्यवेक्षणीय अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम से खाद्यान्न प्रेषण की रीयल-टाइम ऑनलाइन फीडिंग सुनिश्चित की जाएगी। पूर्ति निरीक्षक और विपणन निरीक्षक मौके पर मात्रा एवं गुणवत्ता का सत्यापन करेंगे तथा ई-पॉस ऐप के माध्यम से नियमानुसार रिसीविंग कराएंगे।जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को प्रत्येक उचित दर दुकान पर वितरण से पूर्व सत्यापन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी सभी सत्यापन एवं वितरण रिपोर्टों का संकलन करेंगे और किसी भी अनियमितता की तत्काल सूचना उपलब्ध कराएंगे।निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारियों की उपस्थिति, ई-पॉस मशीन से निःशुल्क वितरण, वितरण पर्ची पर 'मूल्य शून्य' अंकित होना, घटतौली, स्टॉक सत्यापन तथा अन्य निर्धारित बिंदुओं की विशेष जांच की जाएगी।डीएम ने स्पष्ट किया कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, कालाबाजारी, व्यावर्तन या अनियमितता पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। दायित्वों का निर्वहन न करने वाले नोडल एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों के विरुद्ध भी विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासनादेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को निर्धारित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।