
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। शहर में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को सुबह 8 बजे से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। दिन चढ़ने के साथ सूरज की तपिश और बढ़ गई, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया। बाजारों और प्रमुख चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दी। सोमवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे अधिक तापमानों में शामिल है।गर्मी से बचने के लिए महिलाएं छाते का सहारा लेकर घरों से बाहर निकलीं, जबकि राहगीर चेहरे को स्कार्फ, गमछे और कपड़ों से ढककर सफर करते नजर आए। बच्चों को भी टोपी और अन्य सुरक्षा उपायों के साथ बाहर निकलते देखा गया। तेज धूप और लू के चलते दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही काफी कम रही।भीषण गर्मी का असर कानपुर प्राणी उद्यान के वन्यजीवों पर भी देखने को मिला। सफेद बाघिन समेत अन्य बाघिनें घंटों तक वाटर पूल में बैठकर गर्मी से राहत लेती रहीं। वहीं बाघों को ठंडक पहुंचाने के लिए जू प्रशासन की ओर से पानी की बौछारें की गईं। कई बाघ पेड़ों की छांव में आराम करते दिखाई दिए। बढ़ते तापमान के बीच हिरणों का झुंड भी वाटर स्प्रिंकलर के आसपास खड़ा होकर ठंडक पाने का प्रयास करता नजर आया।गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए नगर निगम ने शहर की प्रमुख सड़कों पर वाटर स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी का छिड़काव कराया। सड़क की तपिश कम करने के लिए किए गए इस प्रयास से लोगों को कुछ राहत अवश्य मिली, लेकिन दिनभर गर्म हवाओं का असर बना रहा।रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। उमस भरी गर्मी के कारण देर रात तक लोग परेशान रहे। घरों में चल रहे कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंकते महसूस हुए, जिससे लोगों की बेचैनी बढ़ गई।मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार अगले 24 घंटे और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।