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कानून के राज और नौजवानों को स्थायी रोजगार को बसपा की सरकार बनाना समय की जरूरत:विश्व नाथ पाल

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बसपा के कैडर कैम्पों का आयोजन शुरू

 लखनऊ/बाराबंकी।बहुजन समाज पार्टी का गांव चलो अभियान जारी है। शनिवार को सेक्टर स्तरीय समीक्षा बैठक और कैडर कैम्प बाराबंकी जिले में हुआ।यह पार्टी का पहला सेक्टर कैडर कैम्प है।कैडर कैम्प में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्व नाथ पाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव जीतने के लिए चुनावी मंत्र दिए और अपना अपना बूथ जिताने के संदेश दिए। कार्यक्रम में अमेठी के बसपा नेता जितेन्द्र कुमार मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष के साथ मौजूद रहे।नवाबगंज,सदर विधानसभा के सेक्टर टेयरा कला में आयोजित कैडर कैम्प की अध्यक्षता यहां के घोषित प्रत्याशी/प्रभारी मो मुशव्विर   ने की। मंडल प्रभारी अजय कुमार गौतम, जिला अध्यक्ष तुलसी प्रसाद और जितेन्द्र कुमार मिश्र विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम का संचालन मंडल प्रभारी विक्रम गौतम ने किया।कार्यक्रम में पाल समाज के सैकड़ों लोगों ने सपा और अन्य दलों को छोड़कर बसपा का दामन थामा।प्रदेश अध्यक्ष विश्व नाथ पाल ने बहुजन समाज पार्टी क्यों बनी-इस बिंदु के साथ अपने कैडर की शुरुआत की। बसपा के अब तक के सफर, मान्यवर कांशीराम साहब के संदेश, बहन मायावती जी के संघर्षमय जीवन और बीएसपी की चार बार की सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं को पोलिटिकल पावर की मास्टर चाबी हासिल करने के लिए 2027में पांचवीं बार बीएसपी की सरकार बनाने के संदेश दिए।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश में छः राष्ट्रीय पार्टियां हैं। बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर सभी पार्टियां जातिवादी, संविधान विरोधी और आरक्षण विरोधी हैं। मान्यवर कांशीराम साहब के कथन की याद दिलाई और कहा कि कांग्रेस नागनाथ है, भाजपा सांपनाथ है। समाजवादी पार्टी कोई दल नहीं परिवार डेवलपमेंट एलांइस है।सपा ने बहुजन महापुरुषों को सबसे अधिक अपमान किया और एस सी/एस टी के आरक्षण को खत्म करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। सपा में शामिल होकर राजनीति करने वाले नेताओं को स्वार्थी,मिशन विरोधी और धोखेबाज बताया।उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान को ठीक ढंग से लागू करना ही बसपा का घोषणा पत्र है।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस, भाजपा,सपा तीनों पार्टियां जातिवादी और आरक्षण विरोधी हैं।जिन लोगों ने सदियों से खेती, नौकरी, रोजगार, मंदिर , राजनीति,शासन प्रशासन आदि सभी तरह के संसाधनों पर अधिकार जमाए रखा है,वहीं लोग आरक्षण का विरोध कर रहे हैं।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोच मनुवादी है।इनकी सोच यदि भारतीय संविधान की मंशा के अनुरूप होती तो आरक्षण की समीक्षा की बात न करते। हमारी मुखिया बहन मायावती जी ने कहा है कि आरक्षण के मामले में क्रीमी लेयर फार्मूला बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के मानवतावादी संविधान के विपरीत है।प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बहुजन समाज पार्टी के विरोध में कांग्रेस और भाजपा की मदद से खड़े किए गए राजनीतिक दलों और नेताओं से सावधान रहने की अपील की और कहा कि झूठी राजनीति करके जनता को गुमराह करना भाजपा, कांग्रेस और सपा की प्रवृत्ति में शामिल है।प्रदेश अध्यक्ष ने सपा, भाजपा और कांग्रेस को निशाने पर लिया और कहा कि इन दलों का चरित्र प्रदेश की जनता के सामने आ चुका है। जनता बसपा, सपा और भाजपा की सरकारों की तुलना कर रही है।बहन मायावती ने शिक्षा    को मजबूत करने के लिए 5000प्राथमिक विद्यालय खोले और सैकड़ों शिक्षण संस्थान संचालित किए। भाजपा गरीबों से प्राथमिक शिक्षा छीनना चाहती है, इसलिए स्कूल बंद कर गरीबों की बस्तियों में शराब के ठेके खोले जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में बैकलॉग भर्तियों पर रोक लगाई। पदोन्नति में आरक्षण और ठेकेदारी में आरक्षण खत्म किया।एस सी/एस टी कर्मचारियों को रिवर्ट किया,बहन मायावती की ओर से बहुजन महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों को समाप्त किया। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम के नाम पर बने जिलों को समाप्त करने वाले अखिलेश यादव की टीम भारतीय संविधान की किताब और नीली शर्ट पहनकर दलित एवं पिछड़े वर्ग के लोगों का वोट लेने का झूठा नाटक कर रही है।डबल इंजन की सरकार नौजवानों को रोजगार देने में फेल है, अपनी आवाज उठाने वाले जेन जी पर जंतर-मंतर पर सरकार ने लाठियां बरसाने का काम किया। भाजपा के राज में बीस बार परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं।

बसपा में शामिल हुए प्रमुख लोग -एक नजर
संग्राम सिंह पाल,राम किशोर पाल,सहज राम, रोहित कुमार, पन्ना लाल,सोनू पाल,राम कुमार पाल, दिनेश कुमार पाल,ओम प्रकाश पाल,राम गोपाल, लवकुश पाल,राजू पाल