
PARDARSHI VIKASH NEWS झांसी में आईपीएल मैचों पर सट्टा खिलाने के आरोप में गिरफ्तार भाजपा नेता आशीष उपाध्याय की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। करीब 12 दिनों के भीतर उनके खिलाफ तीसरी एफआईआर दर्ज की गई है। इस बार एक जमीन कारोबारी ने आशीष उपाध्याय, उसके करीबी मंगलम दुबे समेत चार लोगों पर पिस्टल और राइफल के बल पर 45 हजार रुपए लूटने और 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रकम नहीं देने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। मामला 18 अप्रैल 2026 का बताया गया है, जबकि बुधवार को प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।आशीष उपाध्याय बुधवार को सट्टेबाजी मामले में जेल से बाहर आया था, लेकिन जेल गेट से निकलते ही सीपरी बाजार पुलिस ने उसे सट्टे के दूसरे मामले में दोबारा गिरफ्तार कर लिया। अब तीसरा मुकदमा दर्ज होने के बाद उसकी कानूनी परेशानियां और बढ़ गई हैं।सीपरी बाजार क्षेत्र के खोड़न निवासी जमीन कारोबारी uधम सिंह ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2021 में उसने एक जमीन का एग्रीमेंट आशीष उपाध्याय और उसके भाई आलोक उपाध्याय के साथ किया था। आरोप है कि बाद में जमीन के प्लॉट काटकर बेच दिए गए और कई प्लॉट अपने नाम करा लिए गए। पीड़ित के मुताबिक भुगतान के लिए दिए गए चेक भी बाउंस हो गए।पीड़ित के अनुसार 18 अप्रैल की शाम वह बाइक से इलाइट चौराहे की ओर जा रहा था। तभी नैनागढ़ स्थित गौड़ बाबा मंदिर के पास सफेद फॉर्च्यूनर कार में सवार आशीष उपाध्याय, मंगलम दुबे और दो अन्य लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद गाली-गलौज शुरू कर दी गई। उधम सिंह का कहना है कि आशीष उपाध्याय ने पिस्टल दिखाकर कहा कि चेक बाउंस होने के बाद वह उसकी बदनामी कर रहा है। इसके बाद उससे 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई।पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसकी जेब से 45 हजार रुपए निकाल लिए गए, जबकि मंगलम दुबे ने राइफल दिखाकर धमकाया। आरोपियों ने राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।उधम सिंह का कहना है कि आशीष उपाध्याय के राजनीतिक रसूख के कारण वह पहले पुलिस में शिकायत नहीं कर सका। लेकिन उसके जेल जाने के बाद उसने हिम्मत जुटाकर थाने में तहरीर दी। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।