
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। रूमा के पास सोमवार को जम्मू मेल पर पत्थरबाजी की सूचना से रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के लोको पायलट ने कंट्रोल रूम को ट्रेन पर पत्थर फेंके जाने की आशंका जताई, जिसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। जांच में मामला पत्थरबाजी का नहीं बल्कि गलतफहमी का निकला।जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 20433 जम्मू मेल रूमा क्षेत्र से गुजर रही थी। इसी दौरान लोको पायलट को ट्रैक किनारे कुछ लोग दिखाई दिए। आशंका होने पर उन्होंने इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल को दी। सूचना मिलते ही सुरक्षा टीमों ने आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू कर दी।जांच में पता चला कि मौके पर पीडब्ल्यूआई विभाग के ठेका श्रमिक रेलवे ट्रैक के रखरखाव का काम कर रहे थे। ट्रेन नजदीक आने पर लोको पायलट ने हॉर्न बजाया, जिससे श्रमिक अचानक पीछे हटे और उनके पास मौजूद गिट्टी व छोटे पत्थर उछलते हुए नजर आए। दूर से यह दृश्य पत्थरबाजी जैसा लगा।जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने श्रमिकों से पूछताछ की। लोको पायलट से वीडियो कॉल के जरिए मौके पर मौजूद लोगों की पहचान भी कराई गई। जांच में पुष्टि हुई कि सभी लोग रेलवे कार्य से जुड़े कर्मचारी थे और किसी ने ट्रेन पर पत्थर नहीं फेंका था।हालांकि रेलवे नियमों का पालन नहीं करने पर चार श्रमिकों को थाने लाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने एहतियात के तौर पर उनके खिलाफ शांति भंग की आशंका में कार्रवाई की है।जीआरपी इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह ने बताया कि जांच में पत्थरबाजी की कोई पुष्टि नहीं हुई है। घटना केवल गलतफहमी के कारण हुई थी। ट्रेन और यात्रियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है। रेलवे कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।