
PARDARSHI VIKASH NEWS Jammu and Kashmir में नशे की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की करीब 1.3 करोड़ आबादी में से 13.5 लाख से ज्यादा लोग ड्रग्स की चपेट में हैं। 2022 में यह संख्या लगभग 6 लाख थी। अधिकारियों का कहना है कि आतंकवाद के साथ अब ड्रग्स नेटवर्क भी बड़ी चुनौती बन चुका है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने 100 दिन का नशा विरोधी अभियान शुरू किया है, जिसमें अब तक एक करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 704 एफआईआर दर्ज की हैं और 165 ड्रग्स हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। प्रशासन ने ड्रग्स कारोबार से जुड़े लोगों के आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज रद्द करने की कार्रवाई भी शुरू की है। अब तक 300 ड्राइविंग लाइसेंस, 130 वाहन रजिस्ट्रेशन और 110 मेडिकल स्टोर लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सीमावर्ती इलाकों के रास्ते पंजाब से जुड़े नेटवर्क के जरिए नशीले पदार्थ जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं।