
पारदर्शी विकास ब्यूरो
कुशीनगर। आयुक्त, ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम-2025 (VB-GRAM G Act, 2025) को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों को अधिनियम के प्रावधानों के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाना रहा।सम्मेलन में अधिनियम के विजन एवं उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को मजबूत करने के साथ ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की प्रभावी योजना, क्रियान्वयन, निगरानी और सामाजिक जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।प्रतिभागियों को पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका एवं दायित्व, विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं की तैयारी एवं अनुमोदन, परिवारों के पंजीकरण, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तथा परिसंपत्तियों की योजना, निर्माण, निगरानी एवं रखरखाव के संबंध में जानकारी दी गई।इसके अलावा ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के साथ अभिसरण, पारदर्शिता, सामाजिक जवाबदेही, शिकायत निवारण और सामाजिक ऑडिट की महत्ता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी और स्थानीय स्तर पर पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था आवश्यक है।सम्मेलन में प्रशासक क्षेत्र पंचायत सुकरौली, मोतीचक एवं हाटा, जिला पंचायत सदस्य तथा ग्राम प्रधान एवं प्रशासक सहित त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य विकास अधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, उपायुक्त श्रम रोजगार, उपायुक्त स्वतः रोजगार, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने अधिनियम से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से संचालित करने के लिए आपसी समन्वय एवं सहभागिता पर बल दिया गया।सम्मेलन में कहा गया कि ग्राम पंचायतों को विकास की मजबूत इकाई बनाते हुए ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा स्थायी परिसंपत्तियों का सृजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।