
पारदर्शी विकास न्यूज़ बांदा। जिला कारागार में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगड़ने के बाद उसे गंभीर हालत में रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के एडवांस आईसीयू में भर्ती कराया गया है। 376 और पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल में बंद नीतीश पाल को सोमवार को जमानत पर रिहा होना था, लेकिन सुबह अचानक उसकी हालत खराब हो गई। मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड के अनुसार कैदी को अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया, जहां उसकी स्थिति बेहद गंभीर पाई गई। चिकित्सकों के मुताबिक वह गहरे कोमा में था और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कैदी को अस्पताल पहुंचाने वाले पुलिसकर्मी भर्ती कराने के बाद वहां से चले गए। वहीं जिला अस्पताल में इलाज को लेकर भी विरोधाभासी दावे सामने आए हैं। कैदी के परिजनों और अधिवक्ताओं ने जेल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। फिलहाल चिकित्सक सीटी स्कैन और अन्य जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही कैदी की हालत बिगड़ने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।