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जो कोई न कर पाया वो भारत करेगा

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ब्रिक्स सम्मेलन से पहले रूस ने जता दिया बड़ा भरोसा

नयी दिल्ली। भारत में 12-13 सितंबर को आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले रूस ने भारत पर बड़ा भरोसा जताया है। रूस ने उम्मीद जताई है कि भारत इस मंच के जरिए समूह के सदस्यों ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बने मतभेदों को दूर करने में कामयाब होगी। रूस की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लगातार युद्ध जारी है और इसकी वजह से पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने यूएई में भी कई ठिकानों पर मिसाइलें बरसाई हैं। ऐसे में दोनों देशों को एक करना आसान काम नहीं होगा।
हालांकि रूस को उम्मीद है कि भारत इसमें कामयाब होगा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी और क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले एक प्रेस ब्रीफिंग में यह बातें कही हैं। उन्होंने कहा है कि रूस को भारत की अध्यक्षता और अधिकारियों की क्षमता पर पूरा भरोसा है कि वे यूएई और ईरान के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए भी एक साझा घोषणापत्र जारी करने के लिए तैयार कर लेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक बेनतीजा रही थी। मई में हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ईरान और यूएई के बीच तीखी बहस हुई थी जिसके कारण कोई साझा बयान जारी नहीं हो सका था। भारत को अध्यक्ष के तौर पर एक बयान जारी करना पड़ा था। फिलहाल दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स के शेरपाओं की बैठक में दुनियाभर से जुटे अधिकारी घोषणापत्र में आम सहमति बनाने की कोशिश कर रहे है।
इस बीच ब्रिक्स समिट में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पीएम नरेंद्र मोदी के मुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। दोनों नेताओं के बीच शिखर सम्मेलन से पहले 11 सितंबर को द्विपक्षीय बातचीत होगी। दिमित्री पेसकोव ने बताया कि यह बैठक परमाणु ऊर्जा, रक्षा उत्पादन और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-रूस सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित होगी। रूस ने यह संकेत भी दिया है कि वह भारत को अपनी कुछ सबसे उन्नत सैन्य तकनीकों तक पहुंच प्रदान करने के लिए तैयार है, जिसमें पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एसयू-57 पर संभावित सहयोग भी शामिल है।
पेसकोव ने ऑनलाइन ब्रीफिंग में भारतीय पत्रकारों से कहा, "हमारे पास बहुत अच्छे सैन्य उपकरण हैं। इनमें से कुछ उपकरण दुनिया में सबसे बेहतरीन हैं, और हम इन उपकरणों को अपने भारतीय साझेदारों के साथ साझा करने के लिए तैयार हैं।" गौरतलब है कि भारत के रूस के साथ पुराने रणनीतिक संबंध हैं। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब भारत रूस के साथ व्यापार को लेकर अमेरिका के बढ़ते दबाव को संभालने में जुटा है। दोनों देश यूक्रेन के साथ युद्ध की सजा के रूप में रूस पर लगाये गये वित्तीय प्रतिबंधों के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के रास्ते भी तलाश रहे हैं।
पेस्कोव ने कहा है कि रूस भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है और दोनों देशों की रुपया-रूबल व्यापार व्यवस्था के जरिये जमा हुए रुपये के शेष भंडार को धीरे-धीरे कम कर रहा है, जिसका उपयोग भारत कच्चा तेल खरीदने के लिए करता है। पेसकोव ने रूस की नीति को 'डी-डॉलराइजेशन' के अभियान के रूप में पेश किये जाने को खारिज कर दिया और कहा कि रूस केवल ऐसे पेमेंट सिस्टम तलाश रहा है जो उसके राष्ट्रीय हितों को पूरा करते हों। उन्होंने कहा कि रूस अब ब्रिक्स देशों के साथ अपना लगभग 90 प्रतिशत व्यापार राष्ट्रीय मुद्राओं में ही करता है। पेस्कोव ने कहा, "हम किसी डी-डॉलराइजेशन नीति के पक्ष में नहीं हैं। हम केवल वही कर रहे हैं, जो हमारे राष्ट्रीय हितों के अधिक अनुकूल है।" इससे पहले ब्रिक्स सदस्य देश डॉलर-आधारित भुगतान के विकल्प तलाश रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डॉलर की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को कमजोर करने की कोशिशों पर ब्रिक्स समूह को बार-बार चेतावनी भी दी है।

इस बीच नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली को पोस्टर और रोशनी वाली सजावट से सजाया गया है। राजधानी के कई हिस्से त्योहार जैसे नजर आ रहे हैं। ब्रिक्स समिट 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाला है। इस साल की आधिकारिक थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने समिट के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। वीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान 22 डायवर्जन पॉइंट और 35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक को नियंत्रित या डायवर्ट किया जाएगा। इधर, सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली हाईकोर्ट और सभी जिला अदालतें 11 सितंबर को बंद रहेंगी। ट्रायल कोर्ट में 12 सितंबर को भी अवकाश रहेगा। इस तरह दिल्ली की सभी निचली अदालतों में 11, 12 और 13 सितंबर यानी शुक्रवार से रविवार तक लगातार 3 दिन कामकाज नहीं होगा। एमसीडी और केंद्र सरकार के सभी ऑफिस भी 11 सितंबर को बंद रहेंगे। केवल अस्पताल, सफाई और आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।