
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया और कथा श्रवण किया। कार्यक्रम के विश्राम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।कथा के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने नवधा भक्ति के अंतर्गत सख्य भाव की व्याख्या करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता का अर्थ भगवान के चरणों में अटूट विश्वास है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन भारतीय संस्कृति, मर्यादा और धर्म की रक्षा का आदर्श उदाहरण है। उन्होंने सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के नियमित पाठ का आह्वान करते हुए भारत को अखंड, अजेय और सार्वभौम बनाने का संदेश दिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन की हर समस्या का समाधान प्रभु श्रीराम के आदर्शों और उनके नाम में निहित है। उन्होंने कहा कि भगवान राम ऐसा नाम हैं जो पूरे देश को एक सूत्र में बांधने की क्षमता रखते हैं। राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संतों ने इसे लोकमंगल और राष्ट्रहित का विषय बनाकर आगे बढ़ाया।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी नकारात्मक शक्तियां समाज में प्रभावी होती हैं, वे विनाश और अव्यवस्था फैलाती हैं। उन्होंने भगवान राम द्वारा माता सीता की रक्षा और सम्मान के लिए किए गए संघर्ष को नारी गरिमा की रक्षा का सर्वोच्च उदाहरण बताया। साथ ही समाज को जागरूक और संगठित रहने का संदेश दिया।कार्यक्रम में विधायक डॉ. नीरज बोरा, वत्सल बोरा, बिंदू बोरा, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, स्टांप एवं न्यायालय शुल्क मंत्री रवींद्र जायसवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, लोक गायिका मालिनी अवस्थी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समापन अवसर पर आयोजित भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

