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हिंदी पत्रकारिता पर विशेष स्मारिका का विमोचन

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर विशेष स्मारिका का प्रकाशन किया है। “हिंदी पत्रकारिता के गौरवमयी 200 साल की गाथा (1826-2026)” शीर्षक से तैयार इस स्मारिका के पहले भाग का शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में विमोचन किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने स्मारिका का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन पत्रकारिता के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका, बदलते मीडिया परिदृश्य और डिजिटल व एआई युग तक के विकास को समझने में महत्वपूर्ण साबित होगा।स्मारिका में 30 मई 1826 को प्रकाशित देश के पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ से लेकर आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता तक की यात्रा को विस्तार से दर्शाया गया है। इसमें हिंदी पत्रकारिता के विभिन्न पड़ावों, चुनौतियों और सामाजिक योगदान पर भी प्रकाश डाला गया है।इस स्मारिका में देश के प्रमुख साहित्यकारों, मीडिया विशेषज्ञों और वरिष्ठ पत्रकारों के 29 शोधपरक लेख शामिल किए गए हैं। इनमें पत्रकारिता के मिशनरी दौर, स्वतंत्रता आंदोलन, डिजिटल युग और तकनीकी बदलाव जैसे विषयों को समाहित किया गया है।इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शुभकामनाएं संदेश भेजकर इस पहल की सराहना की।स्मारिका का संपादन विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने किया, जबकि संपूर्ण प्रकाशन कार्य में विभाग के शिक्षकों और छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे हिंदी पत्रकारिता के इतिहास को संजोने की महत्वपूर्ण पहल बताया।