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हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला की तैयारियों को लेकर बैठक

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सामाजिक समरसता और संस्कारों पर रहेगा जोर

जगनायक प्रधान
पारदर्शी विकास न्यूज़  कानपुर।
कानपुर के सिविल लाइंस स्थित होटल लिटिल शेफ में सोमवार को हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला के आयोजन की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले के संस्थापक, पूर्व आरबीआई निदेशक एवं राष्ट्र चिंतक एस. गुरु मूर्ति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नवेंदु शुक्ला ने किया। आयोजन को सफल और व्यापक बनाने के लिए विभिन्न कार्य विभागों की जिम्मेदारियां तय की गईं तथा तैयारियों की समीक्षा की गई।बैठक में बताया गया कि हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला छह प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहेगा। इनमें वन एवं जीवन संरक्षण, पारिस्थितिक संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, पारिवारिक एवं मानवीय मूल्यों का संवर्धन, नारी सम्मान एवं अभिव्यक्ति तथा देशभाव एवं जागरण शामिल हैं। आयोजन समिति ने इन विषयों के माध्यम से समाज में सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया।मुख्य अतिथि एस. गुरु मूर्ति ने कहा कि हिंदू दर्शन केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज के विभिन्न वर्गों को केवल एकजुट करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके बीच सामंजस्य और संवाद स्थापित करना भी जरूरी है। उन्होंने सामाजिक समरसता को मजबूत करने तथा जातिगत भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने बताया कि हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउंडेशन की ओर से वर्ष 2009 में इस मेले की शुरुआत की गई थी। इसके माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आचार्य वंदन, मातृ-पितृ वंदन और कन्या वंदन जैसे कार्यक्रमों के जरिए बच्चों में संस्कार, सम्मान और पारिवारिक मूल्यों की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।गुरु मूर्ति ने कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है। यदि परिवार में बच्चों को अच्छे संस्कार, बड़ों का सम्मान और जिम्मेदारी का भाव दिया जाए तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए सेवा और संस्कार आधारित गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की जरूरत है।बैठक में मेले की विभिन्न गतिविधियों, विभागों की जिम्मेदारियों और आयोजन को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने मेले को सफल और व्यापक बनाने के लिए अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया।इस अवसर पर सोमकांत, उमेश पालीवाल, संजीव दीक्षित, कार्तिक वाथन, विष्णु, गिरीश दीक्षित, नीतू सिंह, अरविंद दीक्षित सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्रभाव को मजबूत करने के उद्देश्य से मेले को जनभागीदारी से सफल बनाने पर विशेष जोर दिया गया।




यह मेला मुख्य रूप से छह प्रमुख विषयों पर आधारित होगा:

  • वन एवं जीवन संरक्षण
  • पारिस्थितिक (इकोलॉजिकल) संरक्षण
  • पर्यावरण संतुलन
  • पारिवारिक एवं मानवीय मूल्यों का संवर्धन
  • नारी सम्मान एवं अभिव्यक्ति
  • देशभाव एवं जागरण