
पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चल रहे 100 दिवसीय टीबी अभियान के अंतर्गत जनपद के हाई रिस्क ग्राम पंचायतों में आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाकर व्यापक स्तर पर टीबी जांच की जा रही है। सोमवार को सीएचसी सेवरही के गढ़ईया चिन्तामणि, सीएचसी तमकुही के बसडीला महन्थ तथा सीएचसी रामकोला के बिहुली सोमाली गांव में विशेष टीबी जांच शिविर आयोजित किए गए।मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से मौके पर ही लोगों की छाती की जांच की। इसके साथ ही टीबी के लक्षण वाले संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग कर उनके बलगम के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एस. एन. त्रिपाठी ने बताया कि अभियान के तहत जिले की सभी चिन्हित हाई रिस्क ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इनमें ईंट भट्टा श्रमिकों, फैक्ट्री मजदूरों, प्रवासी कामगारों, मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों तथा पूर्व में टीबी से पीड़ित मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है।शिविर में लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, निःशुल्क उपचार तथा निक्षय पोषण योजना के तहत मिलने वाले 1000 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ते की जानकारी भी दी गई। साथ ही लोगों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण एवं भावनात्मक सहयोग देने की अपील की गई।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य छिपे हुए टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उनका समय से उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सके।