
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। शैल्बी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स द्वारा आयोजित ऑर्थोपेडिक सिम्पोजियम-2026 में विशेषज्ञों ने आगाह किया कि गलत बैठने की आदत, लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल का उपयोग तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण 25 से 45 वर्ष के युवाओं में कमर दर्द, गर्दन दर्द, स्लिप डिस्क और जोड़ों की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित व्यायाम, सही पॉश्चर, समय-समय पर स्ट्रेचिंग और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। कार्यक्रम में आधुनिक रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट तकनीक पर भी चर्चा हुई, जिसके जरिए कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी संभव हो रही है।कार्यक्रम में 400 से अधिक लोगों ने भाग लेकर विशेषज्ञों से परामर्श लिया। चिकित्सकों ने सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी और पुनर्वास को भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।