
Pardarshi Vikas News Kushinagar
कुशीनगर में शांति और युद्धविराम की मांग को लेकर चल रहा सत्याग्रह लगातार गति पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को आंदोलन के पांचवें दिन महापरिनिर्वाण मंदिर के सामने आयोजित शांति सभा में सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों ने भाग लेकर इसे जनआंदोलन का स्वरूप दे दिया।
सभा को संबोधित करते हुए शिवा जी राय, मुकुंद माया दास, फिल्म निर्माता बीकी यादव, आरटीआई कार्यकर्ता अरुण सिंह, मुनि राजेश्वर पांडे, जितेंद्र मणि, बागी पाण्डेय, धर्मराज यादव और मनोज राव सहित कई वक्ताओं ने राष्ट्रपति एवं भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर युद्धविराम सुनिश्चित कराने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि युद्ध से केवल विनाश होता है, जबकि शांति ही मानव सभ्यता की असली ताकत है।
इस दौरान ‘पूर्वांचल गांधी’ के धरने को समर्थन देते हुए कुशीनगर भिक्षु संघ के प्रभारी भंते नंदरत्न एवं थाई बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की। सभा के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने रामाभार स्तूप तक कैंडल मार्च निकाला।
हाथों में जलती मोमबत्तियां और दिलों में शांति का संदेश लिए लोगों ने विश्व कल्याण और तत्काल युद्धविराम की कामना की। ‘अहिंसा’ और ‘मानवता’ के नारों के बीच निकला यह मार्च कुशीनगर की ऐतिहासिक पहचान को एक बार फिर जीवंत करता नजर आया।
भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर से उठी यह शांति की आवाज न केवल देश बल्कि पूरे विश्व के लिए एक सशक्त संदेश बनकर उभर रही है।