
PARDARSHI VIKASH NEWS भारत को वैश्विक वित्तीय सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का उपाध्यक्ष चुना गया है। FATF दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद की फंडिंग और वित्तीय अपराधों पर निगरानी रखने वाली सबसे प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में से एक है।विदेश मंत्रालय ने इस नियुक्ति को भारत के लिए बड़ी सफलता बताया है। मंत्रालय के अनुसार, यह उपलब्धि आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति और वैश्विक स्तर पर आतंकियों की फंडिंग रोकने के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने का प्रमाण है।1994 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल वर्तमान में संस्कृति मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें प्रशासनिक सेवा में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। इससे पहले वह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी निभा चुके हैं और वित्तीय अपराधों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर चुके हैं।विदेश मंत्रालय के मुताबिक, FATF में उनका चुनाव इस बात का संकेत है कि वैश्विक वित्तीय सुरक्षा, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध धन के खिलाफ कार्रवाई में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। FATF विभिन्न देशों के लिए ऐसे मानक और नियम निर्धारित करती है जिनका उद्देश्य अवैध वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगाना होता है।विवेक अग्रवाल इससे पहले FATF में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी कर चुके हैं। वह फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) के निदेशक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आर्थिक अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय खुफिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर काम किया।संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि FATF में यह जिम्मेदारी मिलना दुनिया के 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों के बीच भारत की बढ़ती विश्वसनीयता और प्रभाव का प्रमाण है। मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल भुगतान, वर्चुअल एसेट्स और उभरते वित्तीय जोखिमों से जुड़े वैश्विक नियमों के निर्माण में भी भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है।गौरतलब है कि जून 2025 में FATF ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए सभी देशों से आतंकवाद की फंडिंग रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की थी। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान को दोबारा FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल करने का औपचारिक अनुरोध किया था। भारत का आरोप है कि सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधियों को वित्तीय सहायता मिलती रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि विवेक अग्रवाल का FATF के उपाध्यक्ष पद पर चयन न केवल भारत की कूटनीतिक सफलता है, बल्कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में देश की बढ़ती भूमिका और विश्वसनीयता का भी मजबूत संकेत है।