
पारदर्शी विकास न्यूज़ नई दिल्ली। राष्ट्रीय मत्स्यजीवी सहकारी संघ (फिशकोफेड) की 48वीं वार्षिक आमसभा 25 सितंबर को सरिता विहार स्थित मुख्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रकाश लोणारे ने की। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से मत्स्य सहकारिता क्षेत्र के पदाधिकारियों और निदेशक मंडल के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को मजबूत बनाने, मछुआरों के कल्याण और सहकारिता के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। अध्यक्ष प्रकाश लोणारे ने कहा कि फेडरेशन के माध्यम से पूरे भारत में मत्स्यजीवी सहकारी समितियों का बीमा कराने की मांग की गई है। इस संबंध में प्रस्ताव केंद्रीय मत्स्य मंत्रालय के मंत्री राजीव रंजन सिंह को सौंपा गया है।उन्होंने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के आर्थिक उन्नयन और उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य मत्स्य पालकों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करना है।बैठक में फिशकोफेड के प्रबंध निदेशक शैलेंद्र, निदेशक डॉ. मनोज, एनसीडीसी के निदेशक अवतार सिंह मीणा, बिहार के निदेशक संजय केवट और उत्तर प्रदेश के निदेशक जग पूजन साहनी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।राष्ट्रीय निषाद संघ के अध्यक्ष कैलाश नाथ निषाद, धनीराम रैकवार, अरुण रैकवार और सुश्री गीता सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी बैठक में सहभागिता की।