
पारदर्शी विकास न्यूज़ अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने राम मंदिर परिसर के दानपात्र की धनराशि को लेकर चल रहे विवाद और अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हस्तलिखित बयान जारी कर कहा कि मामले की जांच कर रही एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हो चुकी है, लेकिन इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचें।चम्पत राय ने कहा कि 10 जून 2026 से राम मंदिर परिसर के दानपात्र की धनराशि को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं और उन पर भी निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक वह जानबूझकर मौन रहे, क्योंकि मामले की जांच एसआईटी कर रही थी।उन्होंने अपने बयान में कहा कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सक्षम बैठक में प्रस्तुत की जा चुकी है, लेकिन फिलहाल उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। अंतिम जांच पूरी होने के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।चम्पत राय ने अपने चार दशक से अधिक लंबे सार्वजनिक जीवन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अक्टूबर वर्ष 1991 में उन्हें संगठन द्वारा अयोध्या भेजा गया था और पिछले 45 वर्षों का उनका सार्वजनिक जीवन पूरी तरह खुली पुस्तक की तरह रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य की अंततः विजय होगी।