
34,468 करोड़ का बजट, फिर भी विकास पर ब्रेक
संजीव भारती
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ/अमेठी। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के विधानसभा क्षेत्र में एन एच आई की ग़लती से खराब हुई एक सड़क एक साल में भी ठीक नहीं हो पाई है।राजामऊ नहर पटरी मार्ग की विशेष मरम्मत/पुननिर्माण के लिए कार्यदाई संस्था का चयन और बजट आवंटन नहीं हो पाया है।इस सड़क का मामला सितंबर 2025से सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में बराबर उठ रहा है।एन एच आई के अधिकारी काम शुरू कराने के बजाय लेटर लेटर खेल रहे हैं। रायबरेली -अयोध्या मार्ग -एन एच -330ए के अन्तर्गत राजामऊ में शारदा सहायक नहर पर निर्माणाधीन पुल के वैकल्पिक डायवर्जन मार्ग न दिए जाने के कारण पिछले वर्ष राजामऊ नहर पटरी मार्ग सहित तीन मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। आवागमन कई महीनों तक प्रभावित रहा। राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के प्रतिनिधि ब्लाक प्रमुख मुन्ना सिंह ने दिशा की बैठक में मामले को उठाया था।डी एम के निर्देश पर एस डी एम तिलोई और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की संयुक्त समिति ने स्थलीय निरीक्षण के उपरांत अपनी रिपोर्ट दी और क्षतिग्रस्त मार्गों को ठीक कराने के इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजे गए हैं।राजामऊ नहर पटरी मार्ग के निर्माण के लिए धनावंटन के बाद कार्यदाई संस्था का चयन अभी तक नहीं हो पाया है। सड़क खराब पड़ी हुई है, वर्षाकाल नजदीक है अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से परियोजना निदेशक इन्द्रसेन सिंह ने काफी समय पहले डी एम को पत्र लिखा था।इस पत्र में कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग,एन एच आई और एस डी एम तिलोई की ओर से 1.24करोड रु का इस्टीमेट तैयार करके एन एच ए आई को भेजा गया है। इस्टीमेट और निर्माण को लेकर कांट्रैक्टर ने आपत्ति जताई है,जिसकी सुनवाई गतिमान है। एन एच ए आई के अभियंता विकल्प सिंह ने बताया कि अभी यथास्थिति बनी हुई है, आगे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।

फाइलों में कैद कार्ययोजना, मंजूरी का इंतजार
लोक निर्माण विभाग की चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना शासन में लम्बित है।तीन सप्ताह बीत चुके हैं, अभी तक एक भी वित्तीय स्वीकृति नहीं जारी हुई हैं।नये कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत 90फीसदी काम पूरा हो चुके हैं। सड़कों के नव निर्माण सम्बन्धी पिछले वित्तीय वर्ष की अवशेष कार्ययोजनाओं को नयी वार्षिक कार्ययोजना में फिर से शामिल किया गया है।वर्ष2026-27के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग के लिए 34468करोड रु के बजट का प्रावधान किया है।बजट के अनुसार उत्तर प्रदेश के सभी 75जिलों से कार्ययोजनाएं महीने के प्रथम सप्ताह में शासन को भेजी गई हैं। अभी तक एक भी वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं हुई है। लोक निर्माण विभाग की विभिन्न प्रचलित योजनाओं के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष में कुल 921कार्य लिए गए हैं। इसमें से मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत नवनिर्माण के 486, विशेष मरम्मत के 61,लघु एवं दीर्घ सेतु के 102,भवन निर्माण के13, ब्लाक और तहसील मुख्यालयों पर हैलीपेड निर्माण के17, सड़कों की विशेष मरम्मत के 218कार्य प्रस्तावित है।डी एम ने 1365करोड रु की कार्ययोजना शासन को भेजी है। अभी तक किसी भी परियोजना को वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली है।