
पारदर्शी विकास ब्यूरो खड्डा, कुशीनगर। खड्डा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सभा विशुनपुरा बुजुर्ग में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब एक वर्ष पूर्व शिव मंदिर परिसर में स्थापित किया गया आरओ प्लांट इन दिनों पूरी तरह बंद पड़ा है। परिणामस्वरूप गांव के लोगों को भीषण गर्मी में स्वच्छ पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों के अनुसार सरकार द्वारा लाखों रुपये की लागत से लगाए गए इस आरओ प्लांट से शुरुआती दिनों में लोगों को शुद्ध पानी मिला, लेकिन रखरखाव और समय पर मरम्मत के अभाव में यह व्यवस्था ठप हो गई। वर्तमान में प्लांट बंद होने से ग्रामीणों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उनकी दैनिक समस्याएं बढ़ गई हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण सरकार की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना गांव में दम तोड़ती नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मशीन की मरम्मत और रखरखाव किया गया होता तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।ग्राम सभा के जोखन यादव, राज कनौजिया, राजपति, मुकेश, संदीप, गोविंद, प्रमोद और प्रदीप सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में आरओ प्लांट बंद रहने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर बंद पड़े आरओ प्लांट को जल्द चालू कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि जनता के पैसे से स्थापित योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे, इसके लिए नियमित निगरानी और रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए।गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित आरओ प्लांट का बंद होना सरकारी योजनाओं के रखरखाव और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा दोबारा कब तक उपलब्ध हो पाती है।