
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। डीएनटी (डिनोटिफाइड ट्राइब्स) समुदाय से जुड़े लोगों ने सामाजिक न्याय और संवैधानिक संरक्षण को लेकर सरकार से लंबित सिफारिशों को लागू करने की मांग की है। इस संबंध में डीएनटी डेवलपमेंट फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से कई आयोग और समितियां गठित की गईं, जिनका उद्देश्य इन समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास और अधिकारों की समीक्षा करना रहा है। फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि विभिन्न समय पर गठित समितियों और आयोगों ने डीएनटी समुदाय के उत्थान के लिए सुझाव दिए, लेकिन उनके अनुसार अब तक कई सिफारिशें जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू नहीं हो सकी हैं। इससे समुदाय के लोगों को आज भी शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।डीएनटी डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रमुख महामंत्री डॉ. रामानंद राजभर (उत्तर प्रदेश) ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद कई आयोगों और समितियों ने इस वर्ग के लिए नीतिगत सुधारों की सिफारिश की, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इन सिफारिशों की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि समाज के इस वर्ग को मुख्यधारा में पूरी तरह शामिल किया जा सके।उन्होंने कहा कि डीएनटी समुदाय के लिए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में विशेष योजनाओं को और प्रभावी बनाने की जरूरत है, जिससे उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।