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छह पायदान नीचे गिरा कानपुर

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अब सेंसर बताएंगे हवा का असली ‘राज’

पारदर्शी विकास न्यूज़  कानपुर। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रैंकिंग गिरने के बाद नगर निगम ने शहर की हवा सुधारने के लिए निगरानी और कार्रवाई का नया सिस्टम तैयार किया है। नगर निगम ने आईआईटी कानपुर की ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन (एआरएफ) के साथ एमओयू किया है। इसके तहत शहर में 125 माइक्रो पर्यावरण सेंसर लगाए जा रहे हैं। इनमें 55 सेंसर स्कूल-कॉलेजों में लगाए जा चुके हैं और उनसे मॉनिटरिंग भी शुरू हो गई है।सेंसर से मिलने वाले आंकड़ों के जरिए शहर में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान की जाएगी। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के मुताबिक, डाटा के आधार पर समस्या की मैपिंग कर संबंधित विभाग को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए तीन चरणों की एसओपी तैयार की जा रही है। संबंधित विभाग को समस्या दूर करने के लिए दो दिन का समय मिलेगा। समय पर कार्रवाई न होने पर जिम्मेदारी दूसरे स्तर पर भेजी जाएगी और लापरवाही की जवाबदेही तय होगी।नगर निगम के अनुसार खराब सड़कें, निर्माण कार्य, मेट्रो और सीवर परियोजनाओं की खोदाई से धूल बढ़ रही है। शहर में जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्य भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं।नगर निगम ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रस्तावित खोदाई की जानकारी एक सप्ताह पहले दें, ताकि एक ही स्थान पर बार-बार सड़क न खोदी जाए।सीपीसीबी की स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025-26 में कानपुर 11वें स्थान पर रहा, जबकि पिछली रैंकिंग में वह पांचवें स्थान पर था। अब नगर निगम की नजर सेंसर के आंकड़ों के जरिए प्रदूषण के असली कारण सामने लाकर रैंकिंग सुधारने पर है।


दूसरे विभाग को ट्रांसफर होगी जिम्मेदारी
नगर आयुक्त का कहना है कि पोर्टल पर समस्या को दूर करने के लिए विभाग को दो दिन का समय मिलेगा। अगर तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यह दूसरे चरण में जिम्मेदार विभाग को ट्रांसफर हो जाएगी। इसमें लापरवाही बरतने वाले विभाग की जवाबदेही शासन स्तर पर तय की जाएगी।


एक सप्ताह के भीतर खोदाई की देनी होगी सूचना
नगर आयुक्त ने बताया कि सभी विभागों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि जहां भी खोदाई करनी है, उसकी जानकारी एक सप्ताह के भीतर दें। इसके बाद उसी स्थान पर दोबारा सड़क खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी संबंधित विभागों को शामिल कर एक समिति भी बनाई गई है। नगर निगम का लक्ष्य है कि बेहतर समन्वय और निगरानी के जरिए कानपुर फिर देश के टॉप शहरों में शामिल हो।