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छात्रसंघ बहाली मोर्चा की मध्यस्थता से बना सहमति का रास्ता

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। Apollo Institute of Technology में पिछले कुछ दिनों से चल रहे फीस और स्कॉलरशिप विवाद का समाधान छात्रसंघ बहाली मोर्चा की मध्यस्थता के बाद हो गया। छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को लेकर मोर्चा के पदाधिकारियों ने संस्थान पहुंचकर डायरेक्टर के साथ बैठक की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। जानकारी के अनुसार, कुछ छात्रों का आरोप था कि प्रवेश के समय उन्हें फीस में रियायत दी गई थी, लेकिन स्कॉलरशिप आने के बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से कम की गई फीस की राशि जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था। इसे लेकर छात्रों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।मामले की जानकारी मिलने पर छात्रसंघ बहाली मोर्चा की टीम कॉलेज पहुंची और छात्रों का पक्ष रखते हुए संस्थान के डायरेक्टर से वार्ता की। कई घंटों तक चली बातचीत और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संवाद की कमी के कारण स्थिति विवादित हो गई थी। बातचीत के दौरान कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने पर सहमति जताई।विवाद को पूरी तरह समाप्त करने और शैक्षणिक माहौल सामान्य बनाए रखने के लिए मोर्चा के प्रमुख नेताओं अनुज त्रिपाठी और अनस साहू ने शिक्षकों और छात्रों के बीच सीधा संवाद भी कराया। इस दौरान दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी और आपसी सहमति से विवाद खत्म करने पर सहमति बनी।छात्रसंघ बहाली मोर्चा के कोर कमेटी सदस्य अनुज त्रिपाठी ने कहा कि छात्रों का आर्थिक या मानसिक उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रवेश के समय किए गए वादों का पालन होना चाहिए और छात्रों के हित सर्वोपरि हैं।वहीं मोर्चा नेता अनस साहू ने कहा कि संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि छात्र और शिक्षक एक ही शैक्षणिक परिवार का हिस्सा हैं और आपसी बातचीत से हर समस्या का समाधान संभव है।विवाद सुलझने के बाद छात्रों ने राहत जताई और कॉलेज प्रशासन के सहयोगात्मक रवैये की सराहना की।


"हमारा उद्देश्य कभी भी कॉलेज का माहौल खराब करना या टकराव पैदा करना नहीं है। छात्र और शिक्षक एक ही परिवार का हिस्सा हैं। आज दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर जो संवाद कराया गया, उसने साबित कर दिया कि हर बड़ी समस्या का हल आपसी बातचीत से संभव है। स्कॉलरशिप छात्रों की मदद के लिए है, इसे लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। हम कॉलेज प्रशासन के सहयोगात्मक रुख की सराहना करते हैं।"
अनस साहू (नेता ,छात्रसंघ बहाली मोर्चा)