
गौरीगंज (अमेठी)। माधोपुर-हरदोइया चौड़ीकरण मार्ग से प्रभावित किसानों ने प्रतिकर नोटिस और मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को प्रार्थनापत्र भेजा है। किसानों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन प्रभावित खातेदारों को अभी तक प्रतिकर संबंधी नोटिस उपलब्ध नहीं कराया गया है। किसानों ने प्रतिकर की प्रक्रिया पूरी होने तक निर्माण कार्य रोकने की मांग की है।मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थनापत्र में ग्राम शाहगढ़, कपूरपुर, नौव्वाडीह, सीवन का गांव, कसरावां, तरसड़ा और पनियार,तहसील गौरीगंज के प्रभावित खातेदारों ने अपनी समस्याएं रखी हैं। किसानों का कहना है कि चौड़ीकरण के लिए उनकी भूमि प्रभावित हो रही है, लेकिन अधिग्रहण और प्रतिकर की कार्रवाई के संबंध में उन्हें समुचित जानकारी व नोटिस नहीं दिया गया है।किसानों ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर सड़क को 12 मीटर तो कहीं 15 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। प्रार्थनापत्र में किसानों ने चौड़ीकरण की प्रक्रिया में मानक और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए जाने की मांग उठाई है।प्रार्थनापत्र में यह भी कहा गया है कि किसान प्रतिकर नोटिस और मुआवजा प्राप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों के यहां लगातार प्रयास कर रहे हैं। किसानों के मुताबिक उन्होंने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी और तहसील स्तर के अधिकारियों को कई बार प्रार्थनापत्र दिए, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।किसानों का कहना है कि सामान्य तौर पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पहले भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी की जाती है और इसके बाद निर्माण कार्य कराया जाता है। उनका आरोप है कि माधोपुर-हरदोइया चौड़ीकरण मार्ग पर पहले निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जबकि प्रभावित किसानों को प्रतिकर दिलाने की प्रक्रिया लंबित है।किसानों ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर प्रभावित खातेदारों को नियमानुसार प्रतिकर नोटिस उपलब्ध कराने, मुआवजा दिलाने और तब तक चौड़ीकरण का निर्माण कार्य रोकने की मांग की है। साथ ही किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सड़क निर्माण कराने की मांग की गई है।