
चीनी की कीमतें बढ़ने से मंहगी हुई मिठाइयां, जमाखोरी रोकने को सरकार सख्त
संजीव भारती
लखनऊ। त्योहारों से पहले चीनी के दाम में तेजी और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश के कई जिलों में प्रशासन की संयुक्त टीमों ने चीनी के गोदामों और थोक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण शुरू किया है। सरकार ने 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने और 30 दिन से अधिक समय तक चीनी रोककर रखने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।हाल के दिनों में चीनी के खुदरा दाम कई शहरों में 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए। 20 जुलाई को चीनी की कीमत करीब 48.18 रुपये प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त को 55.70 रुपये प्रति किलो हो गई। वहीं खुदरा बाजार में कीमत 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है।अमेठी में बुधवार को प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़े चीनी व्यापारियों के दो गोदामों पर छापेमारी की। जांच में गोदामों में उपलब्ध स्टॉक रिकॉर्ड के अनुरूप मिला। अधिकारियों ने व्यापारियों को निर्धारित सीमा के भीतर ही स्टॉक रखने की सख्त हिदायत दी।देवरिया में 13 थोक प्रतिष्ठानों के स्टॉक की जांच की गई। यहां भी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक स्टॉक में कोई बड़ी अनियमितता नहीं मिली। कई अन्य जिलों में भी गोदामों और थोक विक्रेताओं की जांच जारी है।सरकार के मुताबिक प्रदेश में चीनी की कमी नहीं है। राज्य में करीब 179.38 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध बताया गया है। इसके बावजूद कीमतों में कृत्रिम तेजी रोकने के लिए स्टॉक की निगरानी बढ़ाई गई है।केंद्र और राज्य सरकारों ने चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी की निगरानी के लिए टीमें गठित की हैं। कारोबारियों को स्टॉक का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज कराने और नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिलने पर कार्रवाई करने को कहा गया हैसुल्तानपुर में माकपा ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम सौंपे ज्ञापन में चीनी के साथ आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में हुई वृद्धि वापस लेने की मांग की है।