
पारदर्शी विकास ब्यूरो देवरिया। सलेमपुर नगर में ज्येष्ठ माह के पावन बड़े मंगल पर मंगलवार को श्रद्धा, सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर स्थित मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया और मंदिर परिसर जय श्रीराम व हनुमान जी के जयकारों से दिनभर गूंजता रहा।दोपहर से प्रारंभ हुआ विशाल भंडारा देर शाम तक लगातार चलता रहा, जिसमें नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, शर्बत एवं अन्य खाद्य सामग्री की विशेष व्यवस्था की गई थी। सेवा कार्य में जुटे स्वयंसेवकों ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ व्यवस्था संभाली।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेतायुग में ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही प्रभु श्रीराम और भगवान हनुमान की प्रथम भेंट हुई थी। इसी कारण ज्येष्ठ माह के मंगलवार को “बड़ा मंगल” के रूप में विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं में यह भी वर्णित है कि महाभारत काल में हनुमान जी ने वृद्ध वानर का रूप धारण कर भीम के अहंकार का नाश किया था। यही वजह है कि बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।उत्तर प्रदेश में बड़े मंगल केवल आस्था का पर्व नहीं बल्कि सेवा, सद्भाव और गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि लगभग चार सौ वर्ष पूर्व अवध के नवाबों के शासनकाल में लखनऊ के अलीगंज स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से बड़े मंगल पर भंडारे और जनसेवा की परंपरा शुरू हुई थी, जो आज भी पूरे प्रदेश में श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।आयोजन को सफल बनाने में जयनाथ कुशवाहा उर्फ गुड्डन, जटा शंकर दुबे, त्रिपुनायक विश्वकर्मा सहित कई सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। वहीं पवन यादव, कन्हैया जायसवाल, रवि कुशवाहा और सुनील कुमार यादव समेत अनेक लोगों ने सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे दिन मंदिर परिसर श्रद्धा, सेवा और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।