
पारदर्शी विकास न्यूज़, कानपुर। कानपुर नगर निगम के बागी पार्षदों ने सोमवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को ज्ञापन सौंपकर 14वें वित्त, 15वें वित्त आयोग और पार्षद कोटा के बजट वितरण में कथित भेदभाव का आरोप लगाया। पार्षदों का कहना है कि कई वार्डों को विकास कार्यों के लिए निर्धारित धनराशि नहीं मिलने से सड़क, नाली, जल निकासी और अन्य जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं।पार्षद विकास जायसवाल, आलोक पांडेय, लक्ष्मी कोरी और पवन गुप्ता ने ज्ञापन में कहा कि नगर निगम को 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत करोड़ों रुपये प्राप्त हुए हैं, लेकिन सभी पार्षदों को समान रूप से बजट उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने बजट आवंटन की पूरी सूची सार्वजनिक करने की मांग की।पार्षद विकास जायसवाल ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में पक्षपातपूर्ण तरीके से बजट जारी किया गया, जबकि कई पार्षद अपने वार्डों के विकास के लिए धनराशि का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आवंटन की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।पार्षद आलोक पांडेय ने कहा कि बजट वितरण में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने 14वें और 15वें वित्त आयोग के साथ पार्षद कोटा से संबंधित बजट की सूची उपलब्ध कराने की मांग की।पार्षद पवन गुप्ता ने वर्ष 2017-18 से अब तक 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त धनराशि, वितरण और खर्च का पूरा ब्योरा मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पार्षदों ने मांग पूरी न होने पर न्यायालय जाने की चेतावनी दी।
नगर निगम में बजट वितरण को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। पार्षद ने कहा कि 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत नगर निगम को मिली धनराशि के वितरण में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने वर्ष 2017-18 से अब तक प्राप्त धनराशि, आवंटन और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही पार्षद कोटा से जारी बजट की सूची भी उपलब्ध कराने को कहा। उनका कहना है कि यदि किसी वार्ड के साथ बजट आवंटन में भेदभाव हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए। विकास कार्यों के लिए समान रूप से धनराशि उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि जनता को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर आगे कार्रवाई की चेतावनी दी।- पवन गुप्ता, पार्षद
15वें वित्त आयोग के तहत कुछ पार्षदों ने जानकारी मांगी है, उन्हें जल्द ही इसकी जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।-अर्पित उपाध्याय,नगर आयुक्त